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पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. एवं पूज्य आचार्य श्री जिनमनोज्ञसूरीजी महाराज आदि ठाणा जहाज मंदिर मांडवला में विराज रहे है। आराधना साधना एवं स्वाध्याय सुंदर रूप से गतिमान है। दोपहर में तत्त्वार्थसूत्र की वाचना चल रही है। जिसका फेसबुक पर लाइव प्रसारण एवं यूट्यूब (जहाज मंदिर चेनल) पे वीडियो दी जा रही है । प्रेषक मुकेश प्रजापत फोन- 9825105823
Raipur (C.G.) सूचना ~ श्री जिनकुशल सूरि जैन दादावाडी, एम.जी. रोड, रायपुर (छ.ग.) के प्रांगण में खरतरगच्छाधिपति पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. की निश्रा में - उपधान तप की भव्य आराधना 9 अक्टूबर से उपधान प्रारम्भ होकर माला महोत्सव 29 नवम्बर 2015
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सूचना
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श्री जिनकुशल सूरि जैन दादावाडी
एम.जी. रोड रायपुर (छ.ग.)
के प्रांगण में
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खरतरगच्छाधिपति पूज्य गुरुदेव उपाध्याय श्री मणिप्रभसागर जी म. सा. की निश्रा में
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उपधान तप की भव्य आराधना
9 अक्टूबर से उपधान प्रारम्भ
होकर
माला महोत्सव 29 नवम्बर 2015
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Palitana VARGHODA
Palitana VARGHODA पूज्य उपाध्यायश्री का प्रवचन ता. 20 अगस्त 2013, पालीताना जैन श्वे. खरतरगच्छ संघ के उपाध्याय प्रवर पूज्य गुरूदेव मरूध्ार मणि श्री मणिप्रभसागरजी म.सा. ने बाबुलाल लूणिया एवं रायचंद दायमा परिवार की ओर से आयोजित चातुर्मास पर्व के अन्तर्गत तप अभिनंदन समारोह में श्री जिन हरि विहार ध्ार्मशाला में आराध्ाकों की विशाल ध्ार्मसभा को संबोध्ाित करते हुए कहा- तपस्या करना कोई हंसी खेल नहीं है। अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करना होता है। एक दिन का उपवास करना भी बहुत मुश्किल हो जाता है, वहाॅं साध्वी श्री विभांजनाश्रीजी म. सा. ने एवं श्रीमती मंजूदेवी किरणराजजी ललवानी ने मासक्षमण की तपस्या करके एक अनूठा आदर्श उपस्थित किया है। उन्होंने कहा- परमात्मा महावीर ने ज्ञान व चारित्र की अपेक्षा तप को ज्यादा महत्व दिया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा- जब श्रेणिक महाराजा ने परमात्मा महावीर से निवेदन किया कि सोलह हजार साधुओं में सर्वश्रेष्ठ साधु कौन है, जिसे वंदन करने से समस्त को वंदना करने जैसा लाभ प्राप्त हो जाता है। परमात्मा महावीर ने कहा- धन्ना अणगार! जो भले दो ही ज्ञान का स्वामी है, पर...
Shri JINManiprabhSURIji ms. खरतरगच्छाधिपतिश्री जहाज मंदिर मांडवला में विराज रहे है।
पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. एवं पूज्य आचार्य श्री जिनमनोज्ञसूरीजी महाराज आदि ठाणा जहाज मंदिर मांडवला में विराज रहे है। आराधना साधना एवं स्वाध्याय सुंदर रूप से गतिमान है। दोपहर में तत्त्वार्थसूत्र की वाचना चल रही है। जिसका फेसबुक पर लाइव प्रसारण एवं यूट्यूब (जहाज मंदिर चेनल) पे वीडियो दी जा रही है । प्रेषक मुकेश प्रजापत फोन- 9825105823
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